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मेमोरी कार्ड के बनें एक्सपर्ट


फ़्लैश मेमरी कार्ड या सॉलिड स्टेट फ्लैश मेमरी डेटा स्टॉरेज जैसे नामों से जाना जाने वाला मेमरी कार्ड डिजिटल कॉन्टेंट को इकट्ठा करके रखने वाली एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस होती है।
आज-कल इसका इस्तेमाल मोबाइल फ़ोन्स, डिजिटल कैमरा, म्यूज़िक प्लेयर और विडियो गेम जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में किया जाता है। इसमें दर्ज़ हुई डिजिटल जानकारियां मिटाई जा सकती हैं, दोबारा डाली जा सकती हैं और उनमें जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं। कंप्यूटर, लैपटॉप से कनेक्ट हो सकने वाली पेन ड्राइव से यह मेमरी कार्ड आकार, प्रकार में अलग होता है और जिन डिवाइस में इसका इस्तेमाल होता है, उनमें इसके लिए एक स्थान निश्चित होता है। तकनीक की दुनिया में इसे Non-volatile SD Card कहा जाता है। SD का मतलब है Secure Digital और Non-volatile का मतलब है कि इसे अपनी याददाश्त के लिए किसी बाहरी ऊर्जा स्रोत की ज़रूरत नहीं है।



तीन तरह के कार्ड 
मेमरी कार्ड तीन तरह के होते हैं। ये हैं: SD, SDHC और SDXC



SD 
- इसे मेमरी कार्ड की पहली पीढ़ी माना जाता है। इस कार्ड की मोटाई आमतौर पर 2.1 मिलीमीटर होती है और इसकी अधिकतम क्षमता होती है 2 GB।
- इस तरह के मेमरी कार्ड तीन आकारों में आते हैं। पहला है मूल SD, जो सीधे अपने लिए बने खांचे में फिट हो जाता है। बाकी दो अपेक्षाकृत छोटे आकार के आते हैं, जिन्हें miniSD, microSD कहते हैं। इन्हें एक अडॉप्टर की मदद से संबंधित खांचे में लगाया जा सकता है।
- आमतौर पर SD कार्ड्स का इस्तेमाल पर्सनल कम्प्यूटर्स, विडियो कैमरा, डिजिटल कैमरा और ऐसे ही बड़े आकार के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में किया जाता है, जबकि miniSD, microSD को मोबाइल, टैबलट जैसे छोटे डिवाइस में इस्तेमाल किया जाता है।

SDHC 
दूसरी जेनरेशन के मेमरी कार्ड 2006 में आए, जिन्हें SDHC कहा गया। SDHC कार्ड का मतलब है Secure Digital High Capacity कार्ड। आकार में तो यह SD कार्ड जैसे ही होते हैं, लेकिन इनकी क्षमता 4GB से 32GB तक होती है। इनमें भी अपेक्षाकृत छोटे आकार के कार्ड miniSD, microSD कहलाते हैं।

SDXC 
मेमरी कार्ड की तीसरी जेनरेशन 2009 में आई, जिसे SDXC कहा गया। SDXC का मतलब Secure Digital extended Capacity है। इनकी क्षमता 48GB से 2TB तक होती है। (व्यावहारिक तौर पर अभी केवल 128GB की क्षमता ही आम लोगों के लिए उपलब्ध है। इसका छोटा आकार केवल microSD ही है। वैसे अब इनके UHS (Ultra High Speed bus) और SDIO (Secure Digital Input Output) प्रारूप भी आ गए हैं। UHS 1 और UHS 3 फॉर्मैट वाले मेमरी कार्ड भी आ गए हैं, जो ज्यादातर व्यावसायिक उपकरणों में यूज होते हैं।

मेमरी कार्ड की स्पीड 
मेमरी कार्ड की स्पीड एक अहम फीचर है। इसे इस बात से नापा जाता है कि मेमरी कार्ड में कितनी स्पीड से एक फोटो जैसी डिजिटल जानकारी सहेजी जा सकती है या निकाली जा सकती है। कई बार आपने देखा होगा कि कैमरा, किसी फोटो को सहेजते हुए कुछ ज़्यादा ही समय ले लेता है, बिज़ी का संकेत देता रहता है या किसी विडियो को देखते हुए बार-बार रुकावट आती है। दरअसल, मेमरी कार्ड वाला हर डिवाइस एक खास स्पीड वाले कार्ड के लिए बना होता है। उससे कम स्पीड वाला मेमरी कार्ड लगा हो तो वह अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाएगा। हममें से ज़्यादातर लोग इस पर कोई खास ध्यान नहीं देते। अक्सर लोग जो डिवाइस 16GB तक की मेमरी कार्ड के लिए बना है, उसमें 8GB/16GB का कार्ड डलवा लेते हैं, लेकिन कार्ड की स्पीड पर ध्यान नहीं देते। तो अगली बार अगर आपको लगे कि आपका कैमरा फोटो लेने के बाद उसे स्टोर करने में ज्यादा समय ले रहा है या कैमकॉर्डर किसी विडियो को लेते समय ठीक से काम नहीं कर रहा है, तो बेहतर होगा कि पहले यह देख लें कि मेमरी कार्ड की स्पीड, डिवाइस के हिसाब से ठीक है या नहीं। मेमरी कार्ड में Class 2 सबसे धीमी और Class 10 सबसे तेज़ स्पीड होती है। अब अगर आपके कैमरे की क्षमता Class 4 वाले मेमरी कार्ड की है तो Class 4 मेमरी कार्ड का इस्तेमाल करना ही समझदारी है। इससे ज्यादा स्पीड वाले कार्ड का इस्तेमाल कोई मायने नहीं रखता, क्योंकि कैमरा ज्यादा स्पीड वाले कार्ड की क्षमता का सदुपयोग कर ही नहीं पाएगा। ध्यान देने की बात यह है कि एक ही स्टॉरेज कपैसिटी (जैसे 16GB) वाले कार्ड की स्पीड जितनी बढ़ती जाएगी, उसकी कीमत भी उतनी ही बढ़ती जाएगी।

कैसे जानें कार्ड की स्पीड
हो सकता है कि कार्ड पर एमबी/सेकंड में स्पीड लिखी हो। अगर ऐसा नहीं है, तो आप कार्ड की गति की पहचान कार्ड पर बने चिह्नों से कर सकते हैं। कार्ड पर एक अधूरे गोले में 2 लिखे होने का मतलब है क्लास 2, जिससे कम से कम 2 एमबी/सेकंड की स्पीड मिलेगी। इसी तरह 4, 6, 10 का मतलब क्लास 4, क्लास 6 और क्लास 10 है, जिनसे कम से कम 4, 6 और 10 एमबी/सेकंड की स्पीड मिलेगी। U जैसे चिह्न के भीतर 1 या 3 लिखे होने से कम से कम 10 और 30 एमबी/सेकंड की उम्मीद मिलेगी।

मेमरी कार्ड की सुरक्षा 
- कई बार हम गलती से अचानक ही मेमरी कार्ड से गाने, फोटो या कोई डेटा मिटा डालते हैं। जब तक गलती का अहसास हो, तब तक बात बिगड़ चुकी होती है या फिर मेमरी कार्ड के डेटा से कोई छेड़छाड़ ना हो जाए, ऐसा भी ख्याल आता है।

- इस गड़बड़ी से बचने के लिए कई आधुनिक सॉफ्टवेयर हैं, जो किसी कोड या पासवर्ड द्वारा मेमरी कार्ड के डेटा तक अवांछित पहुंच को रोकते हैं। कुछ कमांड भी इस काम को बखूबी कर देते हैं।

- किसी तरह की अनजानी भूल से बचने का एक आसान रास्ता है। मेमरी कार्ड के किनारे सरकने वाला एक छोटा-सा टुकड़ा रहता है, जिसे Lock स्थिति की ओर खिसका दिया जाए, तो उस कार्ड में न कोई डेटा डाला जा सकेगा, ना ही कुछ निकाला जा सकेगा। Unlock करने के लिए उसे वापस सामान्य स्थिति पर रखा जा सकता है।

कुछ और बातें 
- मेमरी कार्ड कभी गड़बड़ा जाए तो समस्या होती है कि उसे कैसे ठीक करें। इसके लिए SD Card Recovery Tool जैसे कई सॉफ्टवेयर हैं।
- मेमरी कार्ड से कभी कोई डेटा मिट जाए तो उसे वापस लाने के Undelete 360, Recuva जैसे ढेरों सॉफ्टवेयर हैं।
- विभिन्न प्रयोगों/ट्रिक के लिए Memory Cards Tools, Memory Card Manager का इस्तेमाल किया जा सकता है।

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