Skip to main content

मोबाइल प्रोसेसर की A, B, C

मोबाइल के लिए क्या है प्रोसेसर

फर्ज कीजिए कि मोबाइल फोन अगर इंसान होता, तो प्रोसेसर उसका दिमाग होता।
अपने स्मार्टफोन पर आप जो भी कमांड देते हैं, प्रोसेसर उन पर अमल करता है। प्रोसेसर जितना तेज होगा, उतनी तेज ही मल्टिटास्किंग, गेमिंग, फोटो और विडियो एडिट होंगे। इसे सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट यानी सीपीयू कहते हैं, जो एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट होता है। इनकी परफॉरमेंस को क्लॉक रेट की रफ्तार से नापा जाता है, यानी कोई परफॉरमेंस प्रति सेंकड के साइकल से की गई, ये हर्त्ज, किलोहर्त्ज, मेगाहर्त्ज और गीगाहर्त्ज के स्केल पर नापे जाते हैं। आमतौर पर 1 गीगाहर्त्ज से लेकर 2.4 गीगाहर्त्ज तक के प्रोसेसर मोबाइल फोन में मिल रहे हैं।



कोर की कहानी

आईफोन 4 तक हम सिंगल कोर प्रोसेसर ही देखते थे, यानी जिनमें एक ही प्रोसेसर कोर यूनिट होती थी। इनकी रफ्तार में कोई शक नहीं था, लेकिन जिस तरह फोन पर ज्यादा से ज्यादा मल्टि-मीडिया फीचर्स आ रहे हैं, अब आठ कोर वाले प्रोसेसर तक बन रहे हैं। इसे और आसानी से समझते हैं। ड्यूल-कोर प्रोसेसर को समझ लीजिए कि वह दो दिमाग वाला प्रोसेसर है, जिसमें दो सीपीयू कोर को एक प्रोसेसर में रखा गया है। अब आप फोन पर जितनी ज्यादा कमांड देंगे, दोनों प्रोसेसर मिलकर उसे अंजाम देंगे, जो सिंगल कोर से ज्यादा तेज होंगे और कम बैटरी भी खर्च करेंगे। सीपीयू का साइज तो कंपनियां एक लिमिट तक ही बढ़ा सकती हैं, क्योंकि इनके आड़े हीटिंग जैसे मसले आ सकते हैं, लेकिन उसे एक से ज्यादा कोर देकर परफॉर्मेंस अगले लेवल तक ले जाई जा सकती है। ड्यूल-कोर के बाद हमें क्वॉड-कोर (चार), हेक्सा-कोर (छह) और ऑक्टा-कोर (आठ) प्रोसेसर देखने को मिलते हैं। अब हालत यह है कि क्वॉड-कोर भी आम फीचर होता जा रहा है।


कोर की कारीगरी

ज्यादा कोर होने से फोन की परफॉरमेंस कैसे सुधरती है, इसे समझने के लिए एक ड्यूल-कोर प्रोसेसर की मिसाल लेते हैं। मसलन आप ट्रैवल कर रहे हैं और फोन के नैविगेशन और म्यूजिक, दोनों फीचर्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में ऑपरेटिंग सिस्टम नेविगेशन का काम एक सीपीयू को म्यूजिक स्ट्रीमिंग का दूसरे सीपीयू को दे सकता है। या कोई मल्टि-थ्रेड वाला ऐप है, तो वह उसके अलग-अलग काम, अलग-अलग सीपीयू को दे सकता है, यानी एक टास्क दोनों के बीच बंट जाता है। इससे दोनों कोर अपनी पूरी रफ्तार में जाए बिना टास्क पूरा सकते हैं, पूरी रफ्तार में न जाने से फ्रीक्वेंसी भी कम रहती है और फोन की बैटरी कम खर्च होती है, परफॉरमेंस तो सुधरती ही है।


ज्यादा कोर बोले तो...

. ज्यादा तेज गेमिंग : जब आप कोई स्पीड या ऐक्शन गेम खेलते हैं तो मल्टि-कोर प्रोसेसर इसे स्मूद बनाता है, गेम कहीं अटकता नहीं है और 3D इफेक्ट का पूरा मजा मिलता है। गेमिंग कंसोल की टक्कर का एक्स्पीरियंस अब मोबाइल में मल्टि-कोर प्रोसेसर से ही आया है।


2. फुल एचडी विडियो : मल्टि-कोर प्रोसेसर से आपको फोन की स्क्रीन पर 1080 पिक्सल्स तक का विडियो रेकॉर्ड या प्ले मिलता है। अब तो अल्ट्रा एचडी प्लेबैक को हैंडल करने की क्षमता मोबाइल प्रोसेसर में आ चुकी है। बड़ी स्क्रीन पर लोग बेहतर विडियो प्लेबैक चाहते हैं। इसी तरह मोबाइल फोन के ज्यादा दमदार होते कैमरों को भी प्रोसेसरों से अच्छा सपोर्ट मिला है।


3. मल्टि-टास्किंग : एक साथ कई फीचर्स पर काम करने के लिए फोन की स्पीड अच्छी होनी चाहिए। मल्टि-टैब इंटरनेट सर्फिंग, मल्टि-विंडो, पॉपअप विडियो जैसे फीचर बिना मल्टि-कोर प्रोसेसर के सोचे भी नहीं जा सकते थे। इंटरनेट स्पीड बढ़ने के साथ फोन की स्पीड को इन्होंने तेज किया।


4. बैटरी लाइफ : स्क्रीन बड़ी हो रही हैं, चमक बढ़ रही है, लेकिन बैटरी की अपनी सीमाएं हैं। कम से कम एक दिन पूरा चलने वाला बैटरी अब अच्छी मानी जाती है। ज्यादा कोर से मोबाइल की बैटरी लाइफ पर भी अच्छा असर दिखता है। सभी कोर के बीच काम बंट जाने से और जब जिस प्रोसेसर की जरूरत न हो, उसके रूक जाने से, बैटरी काफी बचती है। जब जहां ज्यादा काम की जरूरत होती है तो ये किसी एक पर भी ज्यादा बोझ नहीं पड़ने देते।

प्रोसेसर तेरे कितने नाम

कोर तो अहम हैं, लेकिन प्रोसेसर अलग अलग कंपनियां बनाती हैं और उनकी परफॉर्मेंस भी अलग होती है। तो जरूरी नहीं कि हर क्वॉड-कोर प्रोसेसर एक-सा हो। मसलन सबसे बड़ी कंपनी क्वालकॉम को ही लें, उसके स्नैपड्रैगन प्रोसेसर 600 और 800 को लें। 600 मिड और हाई एंड फोन में है और यह 1.9 गीगाहर्त्ज तक की स्पीड पर दौड़ सकता है। साथ में एड्रिनो 320 ग्राफिक चिप से लैस है। जबकि स्नैपड्रैगन 800 सीरीज इस वक्त सबसे ज्यादा फास्ट है, जो अल्ट्रा एचडी डिस्प्ले, 55 मेगापिक्सल्स कैमरे, 4K विडियो रिकॉर्डिंग तक को हैंडल कर सकता है, 2.3 गीगाहर्त्ज तक की स्पीड दे सकता है। यह एड्रिनो 330 ग्राफिक चिप से लैस है। यानी एक ही कंपनी के दो तरह के ये प्रोसेसर हैं। मिड रेंज के फोन में स्नैपड्रैगन 400 और कम दाम के फोन में आपको स्नैपड्रैगन 200 प्रोसेसर मिल सकता है।

स्नैपड्रैगन 800 : 2.7 गीगाहर्त्ज क्वॉड क्रेट प्रोसेसर 450 सीपीयू तक, ग्राफिक एड्रिनो 420 जीपीयू, एक गीगा पिक्सल तक कैमरा सपोर्ट, अल्ट्रा एचडी विडियो प्ले बैक या कैप्चर जैसी क्षमता
स्नैपड्रैगन 600 : 1.9 गीगाहर्त्ज क्वॉड क्रेट 300 सीपीयू तक, एड्रिनो 320 जीपीयू, 21 मेगापिक्सल तक कैमरा, 1080 पिक्सल एचडी विडियो प्लेबैक
स्नैपड्रैगन 400 : 1.7 गीगाहर्त्ज ड्यूल क्रेट 300 सीपीयू तक, एड्रिनो 306 जीपीयू, 13.5 मेगापिक्सल तक कैमरा, 1080 एचडी विडियो प्लेबैक
स्नैपड्रैगन 200 : 1.4 गीगाहर्त्ज तक सीपीयू, 302 जीपीयू, 8 मेगापिक्सल तक कैमरा, 720 पिक्सल विडियो प्लेबैक

इसी तरह इन क्वालकॉम में ही इन प्रोसेसरों की एस1, एस2, एस3 और एस4 सीरीज हैं, जिनमें एस 4 सबसे अडवांस्ड है।

यानी काम की बात यह है कि सिर्फ गीगाहर्त्ज और कोर के नंबर से परफॉर्मेंस तय नहीं होती। हर दाम की रेंज के हिसाब से अलग प्रोसेसर हैं।

यह भी हैं दौड़ में

क्वालकॉम स्नैपड्रैगन के अलावा एनवीडिया प्रोसेसर भी काफी मशहूर हैं। एनवीडिया ने हालांकि अपनी लेटेस्ट टेग्रा K1 सीरीज निकाली, लेकिन टेग्रा 4, टेग्रा 3 बाजार में हैं। K1 में 2.3 गीगाहर्त्ज तक क्लॉक स्पीड, अल्ट्रा एचडी प्लेबैक जैसे दम हैं। टेग्रा 4 को चाइनीज कंपनी जीटीई ने अपने 4G फोन के साथ लॉन्च किया था, वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने भी सरफेस टैबलट में यही प्रोसेसर रखा।

मीडियाटेक के प्रोसेसर आपको भारत में अधिकतर फोन में मिलेंगे। यह कंपनी क्वालकॉम के चैलेंजर के तौर पर देखी जा रही है। इसकी सबसे बड़ी खूबी कम दाम में ज्यादा पावरफुल प्रोसेसर हैं। कंपनी बेहद कम दाम में अपना ऑक्टा-कोर प्रोसेसर M 6595 इसी हफ्ते लाई है। 4G आने के साथ जिस तरह कम दाम के एलटीई रेडी हैंडसेट की डिमांड बढ़ेगी, उसमें मीडियाटेक प्रोसेसरों से लैस हैंडसेट बाजार में खूब आएंगे। अभी तक यह एशिया में ही मशहूर थी, लेकिन इस हफ्ते ऑक्टा-कोर प्रोसेसर लाने के साथ वह अमेरिकी बाजार में भी हंगामे के लिए तैयार है। इनके अलावा सैमसंग, इंटेल, ऐपल के भी अपने प्रोसेसर हैं।

अब कैसे करें फैसला

प्रोसेसर एक से बढ़कर एक हो सकता है। पहले आप देखिए कि आपका इस्तेमाल कैसा है। क्या आप वाकई मल्टिटास्किंग या हार्ड गेमिंग वाले शख्स हैं। अगर ऐसा है तो आपके फोन को बेहतर परफॉरमेंस वाला प्रोसेसर चाहिए। महंगे फोन में आपको ये मिलेंगे। लेकिन आपका यूज स्मार्टफोन बेसिक वाला है, तो प्रोसेसर आपके लिए अकेली देखने वाली चीज नहीं होगा। हां इतना जरूर है कि जो कंपनी हैंडसेट बनाती है, उसने अलग-अलग रेंज और उसके फीचर के हिसाब से ही इन्हें चुना होगा।

और याद रखिए, ज्यादा कोर या ज्यादा गीगाहर्त्ज का मतलब ज्यादा फास्ट नहीं होता। मोबाइल भी एक तरह का कंप्यूटर है, प्रोसेसर की जेनरेशन कौन-सी है और किस फैमिली से वह है, यही उसकी औरों से तुलना करने का बेस्ट तरीका होगा।

Comments

Popular posts from this blog

कमांड जो यूट्यूब देखने का मज़ा करेंगे डबल

स्मार्टफोन और टैबलेट पर यूट्यूब वीडियो देखने का चलन अब तेज़ी से बढ़ रहा है. व्हाट्सऐप पर भी यूट्यूब के कई वीडियो लोग फॉरवर्ड करते हैं जो अक्सर लोग स्मार्टफोन या टैबलेट पर ही देखते हैं. आज Youtube को यूज़ करे मजेदार अंदाज में 

Aadhar Card ko WhatsApp se Download karne ki Jankari

  Aadhar Card ko WhatsApp se Download karne ki Jankari . जैसा कि आपको नाम से ही पता चल गया होगा। अपने आज के आर्टिकल के द्वारा में आप सभी को आधार कार्ड को WhatsApp से डाउनलोड करने की जानकारी देने वाला हु. यानी अब आप बहुत ही आराम से अपने WhatsApp से आधार कार्ड या कोई भी डॉक्युमेंट बहुत ही आराम से डाउनलोड कर सकते है.    लेकिन अब हम लोगो के बिच ऐसी सर्विस आ गयी है जिसका इस्तेमाल करके आप बहुत ही आराम से  Aadhar Card ko WhatsApp se Download  कर सकते हो. इस सर्विस को हाल ही में सरकार द्वारा हम लोगो के बिच लाइव किया गया है. अब आप डिजिलॉकर का इस्तेमाल अपने WhatsApp पर कर सकते हो और किसी भी तरह का डॉक्यूमेंट अपने WhatsApp के माध्यम से ही डाउनलोड कर सकते हो. सरकार द्वारा डिजिलॉकर को WhatsApp पर इस्तेमाल करने की सर्विस हाल ही में हम लोगो के बिच Live की गयी है. क्या आप डिजिलॉकर के बारे में जानते है. अगर नहीं जानते तो मेआपको बताना चाहूंगा। डिजिलॉकर एक ऐसी सर्विस है जिसका इस्तेमाल करके आप अपने किसी भी डॉक्यूमेंट को ऑनलाइन डिजिटल रूप में सेव रख सकते है. और जब भी आपको अपने ...

Harry Potter all Part Hindi Me Download Kare

  Welcome to My Latest Harry Potter all Part Movies Article . अपने आज के इस आर्टिकल के द्वारा मैं आप सभी को Harry Potter के सभी Part Hindi में देने वाला हु मेरे द्वारा दिए गए लिंक से आप हैरी पॉटर के सभी पार्ट बहुत ही आराम से डाउनलोड कर सकते हो तो चलिए  है अपना आज का यह आर्टिकल। जिसका नाम है  Harry potter all part hindi me download kare . Harry Potter and the sorcerers stone 2001  Hindi Dubbed Movie  Download Click Now Harry Potter and the Chamber of Secrets 2002  Hindi Dubbed Movies Size 1GB  Download Click Now Harry Potter and the prisoner of azkaban 2004  Hindi Dubbed Movies  Download Click Now Harry Potter and the goblet of fire 2005  Hindi Dubbed Movie  Download Click Now Harry Potter and the order of the Phoenix 2007  Hindi Dubbed Movie   Download Click Now Harry Potter and the Half blood Prince 2009  Hindi Dubbed Movie  Download Click Now Harry Potter and the Deathly Hallows 2010  Hindi Dubbed Movies P...